Amarendra Singh

तुझसे बातें कर के गुजरती है रातें मेरी….

तुझसे बातें कर के गुजरती है रातें मेरी,
तेरा दीदार कर के दिन गुजरता है मेरा.

साँस लेना तो भूल सकता हूं मैं मगर,
मुझसे भूला नहीं जाता अब चेहरा तेरा.

तू कभी चाँद में, कभी सितारों में तो कभी फ़लक में दिखती है मुझे,
अब तो आईने में भी मुझको अक्स नज़र आता है तेरा.

तू जो रूठ जाती है तो मानो रब रूठ जाता है मुझसे,
तुझको मालूम नहीं कि फिर दिल नहीं धड़कता है मेरा.

मेरी दुआ है ये कि मैं हर जनम तेरे साथ ही रहूं,
चाहे दिल बन जायूँ चाहे साया बन जायूँ मैं तेरा.

10+
Amarendra Singh

Amarendra Singh

Leave a Reply

avatar