Amarendra Singh

कुछ यू मिली नज़र उनसे

कुछ यू मिली नज़र उनसे के हाल सारा दिल का बता दिया .
हमने पूछा भी ना था जो सवाल कभी , जवाब उन्होने इशारो मे बता दिया.

कभी झूखी नज़र तो कभी लब मुस्करा गये,
कभी झूखी नज़र तो कभी लब मुस्करा गये,
कभी देखा ऐसे पलट के कि मुझ को अपना दीवाना बना लिया.

अब तो यूं ही दर बदर भटकते रहेंगे हम बंजारो की तरहा,
अब तो यूं ही दर बदर भटकते रहेंगे हम बंजारो की तरहा,
इक दिल ही तो था मेरा अपना,जोभी हमने अब उन पर लुटा दिया.

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