Amarendra Singh

होकर दूर भी वो मुझसे हर पल मेरे ही पास रहती है

होकर दूर भी वो मुझसे हर पल मेरे ही पास रहती है,
करके बंद आँखे अपनी वो मुझको खुआबो मे देखा करती है.

मुस्कुरा जाती है वो मेरी हर इक छोटी सी नादानी पर,
हर खता पर नाजाने क्यों वो खुद मे ही सहम जाती है.

कभी खुद से तो कभी तारों से करती है वो बाते ,
कभी ना जाने क्यों वो मेरे लिये दुनिया से लड़ जाती है.

बन के साया वो रहती है हर पल मेरे पास मे,
हर दुआ मे अपनी वो मुझको ही याद करती है.

खुलती है निगाहे उसकी मेरी ही दीदार को,
बाहों मे लेकर अपनी वो मुझको रातों को सोया करती है.

लोग कहते है इस दुनिया मे उस जैसा ना कोई दूजा होगा,
हर घड़ी हर लम्हा हर पल जो मुझको ही याद करती है.

तो क्यों ना लू मै रब से भी पहले उसका नाम,
तो क्यों ना लू मै रब से भी पहले उसका नाम,

वो मेरी माँ ही तो है जो मुझे रब से भी ज्यादा प्यार करती है,
वो मेरी माँ ही तो है जो मुझे रब से भी ज्यादा प्यार करती है.

0
Amarendra Singh

Amarendra Singh

Leave a Reply

avatar

Amarendra Singh

Follow Me

Halka Halka Swag Halka Halka Swag Halka Halka Swag