Amarendra Singh

हस के पुछा उन्होने राज़ मेरी उदासी का….

हस के पूछा उन्होने राज़ मेरी उदासी का,
वो भी चाहते है की नाम उनका मेरी ज़ुबा पर तो आये…

यू मुस्कुराकर चले गये वो सामने से मेरे,
कोई पत्थर से जैसे किसी सीसे को तोड़ जाये…

जख़्म-ए-दिल कर के भूल गये है वो शायद,
कोई जाकर के मेरा हॉल-ए-दिल तो उनको बताये…

इश्क़ उनको भी है मगर वो कभी ज़ाहिर नहीं करते,
इश्क़ उनको भी है मगर वो कभी ज़ाहिर नहीं करते,
बेचैन रहते है वो भी अगर हम इकपल उनको नज़र न आये…

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Amarendra Singh

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Ankit
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Ankit

इश्क़ हमको भी है मगर हम कभी ज़ाहिर नहीं करते 😀

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Khushi
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Khushi

Biwi k ilawa kisi aur se Hai kya?

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