Amarendra Singh

अच्छा तुम हो….

इस अंधेरी रात मे ये रौशनी कहाँ से आई है.
अच्छा तुम हो….
अब ये जाना की ये चांदनी कहाँ से आई है.

क्यों मुस्कुरा रहे है फूल इस पतझड़ के मौसम में भी,
अब ये जाना के बिन बादल के बरसात कैसे आई है.

तेरे शहर में परिंदों ने भी बना लिया है बसेरा अपना,
तेरे शहर में परिंदों ने भी बना लिया है बसेरा अपना,
तुझको देखा तो ये जाना की ये बाहार कैसे आई है.

10+
Amarendra Singh

Amarendra Singh

2
Leave a Reply

avatar
2 Comment threads
0 Thread replies
0 Followers
 
Most reacted comment
Hottest comment thread
2 Comment authors
SoniaLoveleen Recent comment authors
newest oldest most voted
Loveleen
Guest
Loveleen

Awesome

0
Sonia
Guest
Sonia

wowowowo superb

0