Amarendra Singh

Halka Halka Swag

From Diary of Amarendra Singh
Writer | Blogger | Software Engineer
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
0

तेरा नाम….

इन हाथों की लकीरों मे मैने देखा है तेरा नाम, इन ख्याबो के महलो का मैने रखा है तेरा नाम. है नाम तेरा मेरी हर इक साँस मे समाया, ज़िंदगी के हर लम्हे पर मैने लिखा है तेरा नाम. ये मै जनता हु या रब जनता है, ये मै...

कुछ यू मिली नज़र उनसे

कुछ यू मिली नज़र उनसे के हाल सारा दिल का बता दिया . हमने पूछा भी ना था जो सवाल कभी , जवाब उन्होने इशारो मे बता दिया. कभी झूखी नज़र तो कभी लब मुस्करा गये, कभी झूखी नज़र तो कभी लब मुस्करा गये, कभी देखा ऐसे पलट के...

एक और पुकार…

मुझको दफना दो चाहे, या बहा दो अब किसी नदी में, मेरे बदन पर लगी ये आग, अब बुझती नहीं है बुझाने से… वो लोग जो जाग जाते थे, किसी की इक आहट से, वो लोग अब जागते नहीं है, मेरे इतना चिल्लाने से… लेकर दिया अपने...

अच्छा तुम हो….

इस अंधेरी रात मे ये रौशनी कहाँ से आई है. अच्छा तुम हो…. अब ये जाना की ये चांदनी कहाँ से आई है. क्यों मुस्कुरा रहे है फूल इस पतझड़ के मौसम में भी, अब ये जाना के बिन बादल के बरसात कैसे आई है. तेरे शहर में परिंदों ने...

मिशन चंद्रयान

तूने जाकर अंधेरे मे सब को है रौशनी दिखाई, अब तो मंजिल हमे खुद के पास नज़र आ रही है. गिरा के खुद को तूने सबको है चलना सिखाया, राहें अब चाँद की हमको साफ़ नज़र आ रही है. नहीं डगमगाया हमारा जूनू कुछ कर गुजरने का, तेरी क़ुरबानी...

हस के पुछा उन्होने राज़ मेरी उदासी का….

हस के पूछा उन्होने राज़ मेरी उदासी का, वो भी चाहते है की नाम उनका मेरी ज़ुबा पर तो आये… यू मुस्कुराकर चले गये वो सामने से मेरे, कोई पत्थर से जैसे किसी सीसे को तोड़ जाये… जख़्म-ए-दिल कर के भूल गये है वो शायद...

इक मुद्दत सी हो गई है मुझको आईना देखे….

इक मुद्दत सी हो गई है मुझको आईना देखे, अब तो खुद को पहचान ना भी नामुमकिन सा लगता है. दीवारों ने भी छोड़ दिया है मुझसे बातें करना, अब तो अपनों में भी मुझको हर कोई बेगाना सा लगता है. हर सांस में घुट घुट के जी रहा हू मैं ना...

आज फिर वही आँसु है, आज फिर वही तन्हाई है

आज फिर वही आँसु है, आज फिर वही तन्हाई है. हर शाम की तरहै, आज फिर मुझे तेरी याद आई है. हर घड़ी सोचता हूँ, कि भूल जाऊंगा मै तुझे कल से. हर लम्हा ना जाने क्यों, फिर मुझे तेरी याद आई है. ये हवायें लेकर आई है फिर से पैगाम...

Amarendra Singh

Follow Me

Halka Halka Swag Halka Halka Swag Halka Halka Swag